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मीठी माळवी, माळवा की आत्मा ने पेचाण है. भई होण, जद अपण माळवी की वात कराँ, तो, माळवा को भी नाम अईज जाय. " भारत माता का हिरदा में जड़्यो रतन सो माळवो " विनाज रतन नी चमक है, अपणी मालवी. माळवी को असली घर तो माळवोज है. पण, या राजस्थान में भी बोली जाए है. जाणकार केवे के माळवी तो राजस्थानी की एक बोली है. " सब रस माहीं जिव्हा रस, जो कोई जाने बोल" . अपण काँ के सब बोली मे माळवी बोली, बस बोलवा वाळा होणा चईये. हँसी ने धार तो ऐसी हे के-- गुलाब ...आगे पढ़ें... 

मालवमूर्ति स्वयंभू संत श्रीज्ञानीजी
-------स्वयँभू संत श्रीज्ञानीजी ------ अपणा भारत में कई ऐसा सिवलिंग है जो कि स्वयंभू है, मतलब के ... mohanlal rawal द्वारा 2 जनवरी, 2009 1:31:00 PM IST पर पोस्टेड
चुनावी चीर-हरण
- --------- चुनावी चीर- हरण ------- कँईं सुण्यो! फेर अईग्यो! फेर अइग्या उखाड़्-पछाड़ का दन, मसाण ... mohanlal rawal द्वारा 17 अक्टूबर, 2008 4:54:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी : हिंदी : समीचार
------श्री नरहरि पटेल का अभिनंदन--------- मध्यभारत हिंदी-साहित्य-समिति ने वीणा के यशस्वी संपादक स्व. ... mohanlal rawal द्वारा 29 सितंबर, 2008 3:58:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी लेख : प्यासो माळवो ! ! !
--------प्यासो माळवो‌---पाणी बाबा ये खेर करी, पण कंजूसी करी ग्या. काँ तो लोग केवात केता था के " ... mohanlal rawal द्वारा 27 अगस्त, 2008 1:29:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी कहानी : गाम में जनम मत दी जो भगवान ! :
---- गाम में जनम मत दी जो भगवान ------ जिना इस्कुल की हूँ वात करी रियो हूँ , वैसो इस्कुल तो कमी ... mohanlal rawal द्वारा 12 सितंबर, 2008 9:31:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी : गजल : अब कँइँ कराँगाँ !
‌‌‌‌------ अब कँइँ कराँगाँ ! पाणी ज नी पड़्यो अब कँइँ कराँगाँ ! सामे अकाळ खड़्यो, अब कँइँ कराँगाँ पेट ... mohanlal rawal द्वारा 25 सितंबर, 2008 11:36:00 AM IST पर पोस्टेड
माळ्वी : गज‌ल: कँई घाँस खाओगा !
mohanlal rawal द्वारा 20 अगस्त, 2008 9:40:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी : लेख : स्वतंत्रता-दिवस
mohanlal rawal द्वारा 15 अगस्त, 2008 8:45:00 AM IST पर पोस्टेड
माळ्वी : गीत - पाणी रोको !
पाणी रोको ! नद्दी बाँदी लो रे भैया, नाळा बाँदी लो, खाळी और खाळ पे पाळा बाँदी लो, बरसा को पाणी ... mohanlal rawal द्वारा 30 जुलाई, 2008 10:40:00 PM IST पर पोस्टेड
माळवी : दोहा
अपण तो माळवी लोग हाँ, तो बात तो माळवी कीज कराँगा . अपणी माळवी घणी मीठी है. गुजराती, राजस्थानी ने ... mohanlal rawal द्वारा 24 जुलाई, 2008 3:20:00 AM IST पर पोस्टेड